टरमरिक लाट्टे से नहीं होंगी कई खतरनाक बीमारियां

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टरमरिक लाट्टे से नहीं होंगी कई खतरनाक बीमारियां

यह एंटीऑक्सीडेंट है जो कैंसर से बचाव कर रक्त विकारों को दूर करती है। इसके और भी कई फ ायदे हैं। गर्म दूध में कच्ची हल्दी उबालकर पीने से मधुमेह यानी डायबिटीज में लाभ मिलता है।

यह एंटीऑक्सीडेंट है जो कैंसर से बचाव कर रक्त विकारों को दूर करती है। इसके और भी कई फ ायदे हैं। गर्म दूध में कच्ची हल्दी उबालकर पीने से मधुमेह यानी डायबिटीज में लाभ मिलता है।   अस्थमा पीडि़तों के लिए आधा चम्मच शहद में एक चौथाई चम्मच हल्दी मिलाकर खाने से लाभ मिलता है। अंदरुनी चोट लगने पर एक गिलास गर्म दूध में एक चम्‍मच हल्दी मिलाकर पीने से दर्द और सूजन में राहत मिलती है। चोट पर हल्दी का लेप लगाने से भी आराम मिलता है।  जुकाम या खांसी होने पर दूध में हल्दी पाउडर डालने या कच्ची हल्दी उबालकर पीने से लाभ होता है। हल्दी की छोटी गांठ मुंह में रखकर चूसें इससे बार-बार खांसी नहीं उठती। हल्दी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। खून को साफ करती है और माहवारी से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करती है।  हल्दी मोटापा घटाने में सहायक होती है। यदि मुंह में छाले हो जाएं तो गुनगुने पानी में हल्दी पाउडर मिलाकर कुल्ला करें या हलका गर्म हल्दी पाउडर छालों पर लगाएं। शोध से पता चलता है कि हल्दी कोलेस्ट्रॉल को कम करती है जिससे हृदय संबंधी रोग होने का खतरा कम हो सकता है।  जब हल्दी करें स्टोर अगर आपके पास ताजा यानी गीली हल्दी है तो इसे पेपर बैग में डालें और फिर फ्रिज में रखें। इसे आप दो हफ्ते तक आसानी से इस्तेमाल कर सकती हैं। कच्ची हल्दी का अचार भी बनाया जा सकता है।  सूखे हल्दी पाउडर को हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर स्टोर करें। एयरटाइट कंटेनर में डालें और इसे सूरज की सीधी किरणों से बचाएं। एक्सायरी डेट के बाद हल्दी पाउडर इस्तेमाल न करें।
Source: aajtak24
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