दांत का दर्द कर सकता है आपके शरीर के कई अंगों को बर्बाद

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toothache

माला एम (26) को दांत दर्द के कारण आइसीयू में भर्ती कराया गया। माला दर्द की वजह से न खाना खा पा रही थी और न ही कुछ पी पा रही थी। इसके अलावा उन्हें बोलने में भी काफी दिक्कतें आ रही थीं।

माला ने कभी सोचा भी नहीं था कि मुंह की साफ-सफाई की कमी उनकी ये हालत कर सकता है। दांत के दर्द से शुरू हुआ ये सिलसिला शरीर के कई अंगों के काम न करने की वजह बन गया। माला को तीन बार हार्ट अटैक आया और उन्हें वेंटिलेटर पर भी रखा गया।

माला को जब दांत का दर्द होना शुरू हुआ तो उसने और किसी की तरह ही पेन किलर लेना बेहतर समझा। हालांकि इससे उसे कोई फायदा नहीं हुआ। वास्तव में दर्द उनके कोशिकाओं तक पहुंच गया और सूजन उनके गले तक, जिस कारण उनका गला जाम हो गया।

इसके बाद माला को न तो कुछ खाने में बन रहा था और न ही कुछ पीने में। यहां तक की उन्हें बोलने में काफी मुश्किलें आ रही थीं। धीरे-धीरे वो कमजोर होने लगीं। जब दर्द बर्दाश्त के बाहर जाने लगा तो माला की मां ने उसे पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन दुर्भाग्य से उस अस्पताल में ऐसे मामले के इलाज के लिए जरूरी उपकरण नहीं थे। इसके बाद माला को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया।

जांच के बाद पता चला कि माला को हुआ एक इंफेक्शन शरीर के कई अंगों में फैल गया है, जिस कारण उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया है। फोर्टिस अस्पताल में माला का इलाज कर रही डॉ. सुधा मेनन बताती हैं कि जब उसे अस्पताल के इमरजेंसी यूनिट में भर्ती कराया गया था तो उसे तेज बुखार था और ब्लड प्रेशर काफी कम था।

डॉ. मेनन के मुताबिक, हमें लक्षण देखकर पहले लगा कि उसे डेंगू या फिर एच1एन1 हुआ है, लेकिन टेस्ट निगेटिव आए। वो निमोनिया से पीड़ित थी और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। उसे ठीक करने का श्रेय आइसीयू के स्टाफ और डॉक्टरों को जाता है, जिन्होंने हर चुनौती का सामना किया और उनका अच्छे से ख्याल रखा।

माला थोड़ा बेहतर होती थी, लेकिन फिर उनकी तबियत बिगड़ जाती थी। उनके फेफड़ों में बैक्टेरिया इकट्ठा हो गए थे जो दिल के आसपास इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। दिल को सिर और गले से जोड़ने वाली नस में खून जमा हो गया था।

सांस लेने में बाधा को दूर करने के लिए माला का ऑपरेशन किया गया। उसके सांस की नली में एक कट लगाया गया और फिर इंफेक्शन को एक ट्यूब के जरिए खींच कर निकाला गया। माला को साल 2015 के दिसंबर के आखिरी हफ्ते में अस्पताल से छुट्टी मिली।

Source: haribhoomi

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