जाने बैठकर करने वाले योगा आसन और उनसे मिलने वाले फायदे

Loading...

योग एक व्यायाम पद्धति है| प्राचीन काल से ही योग का बहुत महत्व है| हमारे देश में ही नहीं पुरे विश्व में योग प्रचलित है| योग करने से कई तरह के शारारिक व मानसिक लाभ मिलते है लेकिन योग में किये जाने वाली मुद्राओ को करना आसान नहीं है| इसलिए कुछ लोग योग करना पसंद नहीं करते है| किन्तु हम आपको बताना चाहते है की बैठकर किये जाने वाली कुछ योग क्रियाए ऐसी है जिसे करना बेहद आसान है|

इन योग आसनो को करने में आपको किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं होगी, और आपका शरीर एक दम स्वस्थ और रोगमुक्त रहेगा। योगासन में आसन शब्द छुपा हुआ है| आसन शब्‍द का अर्थ होता है बैठना| बैठकर करने वाले आसन भी हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से बहुत लाभदायक होते है|

इन आसान को करने से न केवल शरीर लचीला बनता है, बल्कि इससे बड़ी से बड़ी बीमारियो से भी छुटकारा मिलता है| इन आसनो की खासियत है की आप इन्हे घर में छोटी सी जगह में भी कर सकते है, और इन्हे सीखना बेहद मुस्किल भी नहीं है| तो आइये जाने, Seated Yoga Poses in Hindi, बैठ कर किये जाने वाले आसन।

Seated Yoga Poses in Hindi- बैठकर किये जाने वाले योग आसन

Seated Yoga Poses in Hindi

अर्ध मतस्यासन – फिश पोज़

अर्ध मतस्यासन आसान को करते वक्त शरीर की मुद्रा मछली की तरह होती है| इसलिए इस आसान को अर्ध मतस्यासन कहा जाता है| इस आसान को बैठकर किया जाता है और मेरूदंड के लिए यह आसान बेहद ही लाभकारी है|  इस आसन को करते वक्त हिप्स सीधे और जमीन से लगे हुए होना चाहिए, पर इस अवस्था में हिप्स पर ज्यादा जोर ना डाले। इस योग क्रिया को करने के दौरान रीढ की हड्डी के साथ गर्दन में भी मूवमेंट होना चाहिए| इसके नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन आता है, अर्ध मतस्यासन में पाचन अंगों का भी व्यायाम हो जाता है जिससे पाचन क्रिया सही और अच्छी रहती है|

पदमासन – लोटस पोज़

पदमासन आसन भी बैठकर करने वाले आसनो में से एक है| इस आसान को कमलासन भी कहा जाता है| अंग्रेजी में इसे लोटस पोज़ भी कहते है| इस योग क्रिया को करने के लिए जमीन पर बैठकर बाएँ पैर की एड़ी को दाईं जंघा पर इस प्रकार रखते हैं कि एड़ी नाभि के पास आ जाएँ। इसके बाद दाएँ पाँव को उठाकर बाईं जंघा पर इस प्रकार रखें कि दोनों एड़ियाँ नाभि के पास आपस में मिल जाएँ। इसके बाद दोनों हाथों की हथेलियों को गोद में रखते है| इसके बाद इस क्रिया को पैर बदल कर भी करना चाहिए|

इस आसन को करने से शरीर में एकाग्रता व स्थिरता आती है। इसके नियमित अभ्यास से नपुंसकता में लाभ मिलता है। शरीर में वात, पित्त और कफ के दोष को दूर करने में भी यह सहायक है|

बालासन – चाइल्ड पोज़

यह एक ऐसा आसन है, जिससे करने से मांसपेशियां मजबूत होती है, पेट की चर्बी को भी इस योग के जरिये कम किया जा सकता है, इसको करने के लिए घुटने के बल जमीन पर बैठ जाएं और शरीर का सारा भार एड़ियों पर डाल दे| अब गहरी सांस लेते हुए सामने की और झुकें। आपका सीना जांघों से छूना चाहिए और अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें। कुछ समय तक इसी अवस्था में रहें|

भुजंगासन – कोबरा पोज़

इस आसन को करते वक्त शरीर की स्तिथि सर्प की तरह होती है| इसलिए ही इस आसान का नाम भुजंगासन रखा गया है| इस आसन को करने के लिए सबसे पहले तो पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। अब दोनों हाथ के सहारे शरीर के कमर से ऊपरी हिस्से को ऊपर की तरफ उठाएं| इस वक्त हथेली खुली और जमीन पर फैली हो। अब शरीर के बाकी हिस्सों को बिना हिलाए चेहरे को बिल्कुल ऊपर की तरफ करे। कुछ सेकण्ड्स इसी स्तिथि में रहे, फिर पूर्व स्तिथि में आ जाये|

धनुरासन – बो पोज़

इस योग में शरीर का आकर धनुष के समान होने के कारण इसका नाम धनुरासन रखा गया है, इस योग आसान को करने के लिए पेट के बल लेट जाये, फिर पैरों को घुटनों में मोड़कर एडियों को कूल्हों पर ले आए। दोनों पैरो के टखनों को हाथों से पकड़िये, अब हाथों को सीधा रखते हुए पैरों को पीछे की ओर खींचना हैं और कूल्हों के ऊपर उठाना हैं। यह करते समय श्वास अंदर की तरफ लेना है। इस आसान को करने से रीढ़ की हड्डी लचीली और मजबूत होती हैं। इसके अतिरिक्त यह महिलाओं के लिए भी फायदेमंद है, इसे करने से मासिक धर्म संबंधी विकार दूर करने में मदद मिलती हैं।

सुखासन – इजी पोज़

बैठ कर करने वाले आसनो में से यह भी एक आसन है, इसको करने के लिए पलथी लगाकर बैठ जाये, उसके बाद दोनों पैरों को एक दूसरे के ऊपर लाए, अब पैरों को खींचकर अपने नीचे लाएं। दोनों हाथो को घुटनों पर रखें और हथेलियों को ऊपर की ओर। इसके बाद अपने कंधो को आराम दायक स्थिति में रखे और छाती को ऊपर की और तानकर फैला ले। इस आसन को करने से शरीर में लचीलापन आता है, और शांति की प्राप्ति होती है।

दंडासन – स्टाफ पोज़

दंडासन आसन का अभ्यास करने से हिप्स और पेडू में मौजूद दर्द दूर होता है| इस आसान को करते वक्त शरीर का ऊपरी हिस्सा सीधा और तना हुआ और निचला हिस्सा जमीं से लगा हुआ होना चाहिए। इस मुद्रा में बैठने के बाद अपने पैरो की उंगलियों को अंदर की ओर मोड़ें और तलवों से बाहर की ओर धक्का दें। यह आसन से आपके जोड़ो का दर्द कम होगा और आप खुद को दर्दमुक्त महसूस करेंगी।

ऊपर आपने जाना Seated Yoga Poses in Hindi. आप भी ऊपर दिए गए योगासनो को अपनाकर लाभ पा सकते है|

Source: hrelate

Loading...

कृपया इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने परिवार और मित्रों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!

Loading...

Next post:

Previous post: