तैलीय त्वचा (Oily Skin) के लिए 9 चमत्कारी घरेलु उपाय

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तेलीय त्वचा चमकदार, मोटी और हल्के रंग की होती हैं | स्किन की बाहरी परत से अतिरिक्त तेल का रिसना ब्लैकहेड (blackhead), वाइटहेड (whitehead), पिम्पल (pimple) और स्किन की जलन को बढावा देता हैं। ऑयली स्किन के छिद्र (pores) बड़े होते हैं और स्किन मोटी होती है। ऑयली स्किन को मेन्टेन रखना थोड़ा मुश्किल होता है।

ऑयली स्किन और ऑयली फेस के मुख्य कारण हैं :

1. जेनेटिक्स (genetics) : तेलीय त्वचा के लिए मुख्य कारण जेनेटिक्स हैं। आपके परिवार में तेलीय त्वचा पायी जाती हैं तो परिवार के सभी सदस्य की तेलीय त्वचा होने की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता हैं ।

2. स्किन केयर प्रोडक्ट्स (Skin Care Products) का अधिक इस्तेमाल करना।
3. चिकनी साफ़ त्वचा पर क्लेंसिंग या स्क्रबिंग के लिए स्किन केयर प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल करने से भी आपकी त्वचा, तेलीय त्वचा में बदल जाती है।
4. मौसम का बदलना: गर्मी के मौसम में गर्मी ( heat ) और ह्यूमिडिटी ( humidity ) के कारण त्वचा पर आयल का बनना बढ़ जाता हैं। सर्दी के दिनों में त्वचा डीहाइड्रेट होने के कारण रुखी (dry) हो जाती है। इस कमी को पूरा करने के लिए त्वचा से आयल का रिसाव होता हैं ।
5. दवाएं (Medication) : हॉर्मोन के बनने पर कण्ट्रोल करने और हॉर्मोन के परिवर्तन पर दवाएं लेने से भी  आयल प्रोडक्शन बढ़ता हैं ।
6. हॉर्मोन का बदलना : महिलाओं में प्रेगनेंसी ( pregnancy ) के समय, मासिक के बंद ( Menopause ) होने से पहले या बाद में हॉर्मोन चेंजेस की वजह से भी ऑयल ग्लैंड ( Oil gland ) से अधिल आयल का बनना शुरू हो जाता हैं।
7. तनाव ( Stress ) : तनाव के समय आपके शरीर में एण्ड्रोजन हॉर्मोन ( Androgen hormone ) बनने लगते हैं, जो अधिक आयल बनाने लगते हैं।
8. सन टैनिंग ( Sun Tanning ) : सन टैनिंग अस्थायी रूप से स्किन को ड्राई कर देती हैं। वास्तव में सन टैनिंग के कारण आयल ग्लैंड ( oil gland ), आयल बनाकर स्किन की उपरी सतह की रक्षा करता है।
➡ तैलीय त्वचा (Oily Skin) के लिए 10 चमत्कारी घरेलु उपाय :

1. एक टेबल स्पून मुलतानी मिट्टी में अंडे की सफेदी, एक टेबल स्पून ओट्स पाउडर, एक टेबल स्पून कॉर्नफ्लोर और गुलाबजल मिलाकर गाढा पेस्ट तैयार करें। इसे चेहरे व गर्दन पर लगाएं। 20 मिनट बाद चेहरा साफ कर लें।
2. एक चम्मच नींबू के रस में एक चम्मच गुलाब जल और पिसा हुआ पुदीना मिलाकर 1 घंटे तक रखें। फिर इस पैक को चेहरे पर लगाकर 20 मिनट बाद धो लें। इससे चेहरे का चिपचिपापन दूर हो जाएगा।

3. आधा चम्मच संतरे के रस में 4-5 बूंद नींबू का रस, आधा चम्मच मुल्तानी मिट्टी, आधा चम्मच चंदन पाउडर और कुछ बूंदें गुलाब जल की मिलाकर कर थोड़ी देर के लिए फ्रिज में रख दें। इसे चेहरे पर 15-20 मिनट लगा रहने दें। इसके बाद पानी से इसे धो दें। यह तैलीय त्वचा का सबसे अच्छा उपाय है।
4. तैलीय त्वचा के लिए मुल्तानी मिट्टी में दही और पुदीने की पत्तियों का पाउडर मिला कर उसे आधे घंटे तक रखा रहने दें, फिर अच्छे से मिलाकर चेहरे और गर्दन पर लगाएं। सूखने पर हल्के गर्म पानी से धो दें। यह तैलीय त्वचा को चिकनाई रहित रखने का कारगर नुस्खा है।
5. सेब को छीलकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे व गर्दन पर लगाएं। 20 मिनट बाद हलके गुनगुने पानी से चेहरा साफ कर लें। सेब एएचए (अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड) का बेहतरीन स्रोत होता है, जो त्वचा को टोन करता है। उसे मुलायम और कांतिमय बनाता है।
6. एक टी स्पून चंदन पाउडर में गुलाबजल मिलाकर पेस्ट बनाएं। फिर उसे चेहरे पर लगाएं। सूखने पर पानी से धो लें। इससे त्वचा के दाग-धब्बे और एक्ने भी दूर होंगे।
7. टी स्पून बेसन में चुटकी भर हल्दी पाउडर, आधा नीबू का रस मिलाकर पेस्ट बनाएं। अगर आपको नीबू सूट नहीं करता है तो उसकी जगह पर दही मिला सकती हैं। आंखों के आसपास का हिस्सा छोडकर लगाएं। सूखने पर हलके हाथों से मलते हुए छुडाएं। यह त्वचा का कालापन दूर करता है। हल्दी त्वचा की चमक बरकरार रखती है।
8. तैलीय त्वचा को भी मॉयस्चराइजर की जरूरत होती है और इसके लिए आप शहद का इस्तेमाल कर सकती हैं। शहद एक बेहतरीन कुदरती मॉयस्चराइजर होता है। इसे चेहरे पर 15 मिनट लगाएं। फिर धो लें। यह त्वचा की जलन, मुंहासे और कालेपन को दूर करता है। साथ ही उसे कांतिमय और लचीली बनाता है।

9. एक टेबल स्पून चावल के आटे में एक टेबल स्पून कॉर्नफ्लोर और नीबू के रस की कुछ बूंदें मिलाकर चेहरे पर लगाएं। फिर भीतर से बाहर की तरफ गोलोई में हाथ घुमाते हुए कुछ देर मसाज करें। चावल का आटा डेड सेल्स हटाता है। त्वचा के छिद्र भी खोलता है, ताकि साफ ऑक्सीजन त्वचा के भीतर जा सके।

Source: ramayurved

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