इस विटामिन की कमी से हो सकता है भ्रूण को खतर, रहें सावधान

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इस विटामिन की कमी से हो सकता है भ्रूण को खतर, रहें सावधान - India TV

आप ये बात अच्छी तरह से जानते है कि हमारे शरीर के लिए विटामिन-ई कितनी जरुरी है।यह हमारे शरीर के हर अंग को सुचारु रुप से काम कराने के साथ-साथ उन्हे सामान्य रखने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही यह हमें कई बीमारियों से भी बचाता है। अगर आपको इसकी कमी हुई तो आपको कई बीमारियों से होकर गुजरना होगा।

एक शोध में पता चला है कि विटामिन-ई की कमी विकासशील भ्रूण में मस्तिष्क संबंधी क्षति और शारीरिक असामान्यताएं व भ्रूण की मौत का कारण बन सकती है। इसलिए आपके लिए विटामिन ई बहुत ही जरुरी है। खासकर जो महिलाएं प्रेग्नेंट है। क्योंकि इससे उनके अंदर पल रहे बच्चे को दिमाग के साथ-साथ शरीर के लिए फायदेमंद है।

इन निष्कर्षो की खोज अमेरिका की ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी (ओएसयू) के लिनस पॉलिंग संस्थान के शोधार्थियों ने एक अध्ययन के दौरान की है। शोधार्थियों ने इस शोध के लिए जेब्राफिश पर अध्ययन किया था।

जेब्राफिश (अंजु मछली) एक कशेरुकी है, जिसका तंत्रिका विकास काफी हद तक मानवों के समान है। इस पर किए गए शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि विटामिन-ई डोकोसेहेक्सॉनिक एसिड (डीएचए) के स्तरों को सुरक्षा प्रदान करता है। इसकी कमी में डीएचए के स्तर प्रभावित होते हैं, और तंत्रिका तंत्र की क्षति का कारण बनते हैं।

डीएचए ओमेगा-3 फैटी एसिड में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है और यह मस्तिष्क और कोशिका विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लिनस पॉलिंग इंस्टीट्यूट और कॉलेज ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड ह्यूमन साइंसेज से मेलिसा मैकदुगल ने बताया, “विकासशील भ्रूण में डीएचए कोशिका संकेतन और झिल्ली के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।”

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उन्होंने कहा, “हमारे शोध में पता चला है विटामिन-ई का पर्याप्त स्तर भ्रूण में डीएचए की कमी को रोकने में महत्वपूर्ण है।” विटामिन-ई का सबसे सामान्य स्रोत बादाम, बीज, पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और सूरजमुखी तथा कनोला जैसे वनस्पति तेल हैं। निम्न वसा वाले आहार में विटामिन-ई काफी कमी होती है।
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