खतरनाक है ओवरी कैंसर, पहचानें इसके लक्षण

Loading...

कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी व्यक्ति को मौत के चंगुल में बुरी तरह फंसा देती है लेकिन अगर समय रहते इसे काबू कर लिया जाएं तो इस भयानक बीमारी को मात भी दी जा सकती है। इसके लिए बीमारी के लक्षणों के प्रति जागरूकता होना बहुत जरूरी है। महिलाओं में भी ब्रेस्ट, गर्भाश्य और ओवरी कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के बारे में तो महिलाओं को जागरूक किया जा रहा हैं लेकिन ओवरी कैंसर के बारे में महिलाओं को बहुत कम जानकारीहैं जबकि महिलाओं में ओवरी का कैंसर एक गंभीर समस्या है। ओवरी कैंसर बचपन से बुढ़ापे तक किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन ज्यादातर 50 साल से ज्यादा उम्र की औरतें ही इसकी शिकार होती है। 60 प्रतिशत महिलाओं को इस बीमारी की जानकारी एडवांस स्टेज में होती है, जिसका एक सबसे बड़ा कारण महिला का अपने स्वास्थय के प्रति सजग नहीं होना है। अगर महिलाएं समय-समय पर चेकअप करवाती रहें तो समय रहते इस गंभीर बीमारी का इलाज शुरू किया जा सकता है।

*अंडाशय प्रणाली 

महिला की ओवरी कई तरह की कोशिकाओं से निर्मित होती है। गर्भाश्य के आस-पास मौजूद दो छोटे अंगों को ओवरी या अंडाशय कहते हैं। यह महिला के प्रजनन अंग का एक हिस्सा है, जिसकी मदद से ही महिला गर्भधारण करने में सक्षम होती हैं।

* ओवरी कैंसर का खतरा 

ओवरी का कैंसर वह कैंसर है, जिसमें ओवरी में किसी तरह का विकार होने या घाव होने से कैंसर हो जाता है, जिन महिलाओं में बीआरसीए 1 और बीआरसीए 2 जीन  पाए जाते हैं, उनमें लाइफटाइम ओवरियन कैंसर होने का जोखिम बढ़ 10 से 60 फीसदी बढ़ जाता है क्योंकि इन दोनों जीन्सों से ओवरी कैंसर को पनपने में मदद मिलती है।

– इन्फर्टिलिटी का लंबा ट्रीटमेंट।

-50 साल की उम्र की महिला

– आनुवांशिकता।

-पहले ब्रेस्ट या कोलोन कैंसर होना

– बच्चा न होना।

*ओवरी कैंसर के लक्षण

कैंसर के लक्षण सामान्य होते हैं, इसलिए सामान्यता महिलाएं इसे नजरअंदाज कर देती हैं जबकि इसका पता मात्र अल्ट्रासाउंड से लगाया जा सकता है। हर साल डॉक्टर से पेल्विक जांच कराना जरूरी है।

– पेट में दर्द, मरोड़, गैस और सूजन

– डायरिया या कब्ज की समस्या

– भूख न लगना

-अचानक वजन का कम होना या बढ़ जाना।

– पीरियड्स न होने पर भी योनि से खून बहना।

वैसे यह जरूरी नहीं हैं कि ये पक्के तौर पर ओवरी कैंसर के ही लक्षण हो लेकिन ये लक्षण दिखने पर डाक्टरी जांच जरूर करवाएं।

* इसका उपचार 

महिलाओं में ओवरियन कैंसर का उपचार, उसकी स्टेज पर निर्भर करता है। इसके अलावा इसका उपचार महिला की उम्र, स्वास्थ्य, जीवन की गुणवत्ता, और परिवार जनों की इच्छा पर भी निर्भर करता है। कैंसर के उपचार के लिए सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी का प्रयोग किया जाता है लेकिन यह सारे उपचार बीमारी की अवस्था पर निर्भर करते हैं।

*याद रखें ये बातें

ज्यादातर मामलों में ओवरी कैंसर के बारे में तब पता चलता है जब वह काफी आगे बढ़ चुका होता है। यदि कैंसर का शुरुआती तौर पर पता चल जाएं तो जल्द से जल्द इलाज शुरू करवाएं।

Source: punjabkesari

Loading...

कृपया इस रेसिपी को अपने परिवार और मित्रों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर करें!

Loading...

Next post:

Previous post: