चेहरे पर सफेद फुंसी को मुहांसे समझने की गलती न करें, यहां है उपचार

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चेहरे पर सफेद फुंसी को आमतौर पर सिर्फ एक ही माना जाता है कि वे तो कीलमुहांसे हैं। लेकिन हर तरह की फुंसियां कीलमुहांसे यानी पिंपल ही नहीं होते। कीलमुहांसे यानी पिंपल्स तो कुछ दिन बाद सूख जाते हैं या ठीक हो जाते हैं, लेकिन चेहरे पर सफेद फुंसी ऐसी जड़ जमाकर बैठती हैं कि जाने का नाम ही नहीं लेतीं। दरअसल, ये फुंसियां कीलमुहांसे यानी पिंपल्स नहीं होती, इनको कहते हैं मिलिया (Milia) या मिलियम (Milium) यानी चेहरे पर सफेद फुंसी। विशेषकर युवाओं में और वह भी लड़कों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है।

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क्या है मिलिया या मिलियम?

मिलिया या मिलियम चेहरे पर होने वाली उस सफेद फुंसी को कहते हैं, जो मुंहासे की तरह से कुछ समय बाद सूखकर खत्म नहीं होती बल्कि निरंतर बनी रहती है। होता ये है कि जब आप चेहरे की सफाई अच्छे से नहीं कर पाते तो आपकी त्वचा की मृत कोशिकाएं एक जगह जमा होकर स्वेद कूप यानी पसीना निकलने वाले रोम छिद्र को बंद कर देती हैं। धीरेधीरे मृत कोशिकाएं वहां जमा होने लगती हैं और इसका आपको अहसास भी नहीं हो पाता। जब आपको चेहरे पर फुंसी का अहसास होता है तो लगता है कि यह तो कीलमुंहासा ही होगा, जो ठीक हो जाएगा। लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा होता नहीं है।

कीलमुहांसे से अलग कैसे?

कीलमुहांसे जहां आमतौर पर जवानी शुरू होने के बाद ही होते हैं, मिलिया या मिलियम किसी भी उम्र में हो सकती है। कीलमुहांसों के अंदर थोड़ी सी सफेद मवाद भरी होती है, वहीं मिलिया में सिर्फ मृत कोशिकाएं होती हैं। कीलमुहांसे यानी पिंपल्स कुछ समय बाद खुद ही खत्म हो जाते हैं,लेकिन मिलिया तो ऐसी चीज है कि सालों तक लोगों का पीछा नहीं छोड़ती। कीलमुहांसे जहां बाहर की गंदगी त्वचा पर जमा होने से होते हैं, वहीं मिलिया तो आपकी त्वचा की ही मृत कोशिकाओं से विकसित हो जाती है।

मुहांसे से भी बड़ी समस्या

कीलमुहांसे जहां थोड़े से उपचार से ही ठीक हो जाते हैं, वहीं मिलिया को खत्म करने के लिए लंबे समय तक जद्दोजहद करनी पड़ती है। इसी कारण इसको पिंपल्स से भी बड़ी समस्या माना जाता है। यह इस कारण से भी बड़ी समस्या है कि यह बचपन से ही हो सकती है जबकि कीलमुहांसे आमतौर पर जवानी की दहलीज पर कदम रखने के बाद ही परेशान करना शुरू करते हैं। यदि आप भी मिलिया से परेशान हैं तो इसे कीलमुहांसों की तरह हल्के में लेने की गलती न करें।

शहरों में अधिक परेशानी

भले शहरों में सौंदर्य को लेकर जागरूकता अधिक हो, लेकिन मिलिया जैसी समस्याएं शहरों में ही अधिक देखने को मिलती हैं। गांवों का माहौल साफस्वच्छ रहता है, वहां प्रदूषण का स्तर बहुत कम होता है, इस कारण वहां के लोगों को सौंदर्य संबंधी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता । लेकिन शहरों में तो आप घर के अंदर भी प्रदूषण के बुरे असर से बच नहीं सकते। सड़कों पर तो इतना धूलधुआं होता है कि थोड़ी दूर सफर करते ही आपके चेहरे पर कालिख जम जाती है। इसलिए यदि आप शहर में रहते हैं तो त्वचा संबंधी समस्याओं को लेकर अधिक सचेत रहें।

कैसे पाएं छुटकारा?

1. पहला नियम – साफसफाई

मिलिया की जड़ है आपकी त्वचा की मृत कोशिकाएं। जब ये कोशिकाएं आपकी त्वचा की ऊपरी परत पर आकर जमा हो जाती हैं तो वहीं सफेद फुंसी बन जाती है। मिलिया की सबसे अधिक समस्या रूखी त्वचा वालों को होती है। कारण यह होता है कि रूखी त्वचा में मृत कोशिकाएं तैलीय त्वचा की तरह तेल के साथ बाहर नहीं निकल पातीं और चेहरे की ऊपरी परत पर जमा हो जाती हैं। इससे बचने का सबसे आसान तरीका और पहला नियम है कि चेहरे की साफसफाई अच्छी तरह से रखें। दिन में कम से कम दो बार अच्छे फेसवॉश (आयुर्वेदिक हो तो अधिक बेहतर होगा) के साथ चेहरा धोएं। चेहरे की सफाई के लिए घरेलू नुस्खे भी अपना सकते हैं।

2. खरोंचने की गलती न करें

मिलिया मुहांसों की तरह नहीं होता। यह देखने में तो बहुत खराब लगता है, लेकिन इससे पीडि़त को किसी तरह की जलन या दर्द नहीं होते। पहली बात तो कोशिश करें कि मिलिया हो ही न पाए। यदि हो भी जाए तो उसे कुरेदने या खरोंचने की गलती बिल्कुल न करें। जैसे ही आप इसे खरोंच कर निकालने की कोशिश करेंगे, इसकी स्थिति बिगड़ जाएगी। साथ ही यह गंभीर रूप धारण कर लेगा और हो सकता है कि आपको जलन और दर्द भी होने लगे। इसके बाद खारिश यानी खुजली होने लगेगी जो इसे और बिगाड़ती जाएगी।

3. चेहरे की नमी बनाएं रखें

जैसा कि पहले बताया गया है, मिलिया की समस्या रूखीसूखी त्वचा वालों को ही अधिक परेशान करती है। इसलिए इससे बचने का एक और तरीका यह है कि चेहरे पर नमी बनाए रखी जाए ताकि मृत कोशिकाएं त्वचा पर जम और फैल न पाएं। नमी युक्त त्वचा की सफाई भी आसान होती है और जैसे ही आप चेहरा साफ करते हैं, सारी गंदगी निकल जाती है। इसलिए चेहरे पर नमी बनाए रखने के लिए अच्छे मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें। आप बाजार से कोई क्रीम खरीद सकते हैं या फिर घर पर ही सोते समय और सुबह उठते ही मलाई से चेहरे को साफ कर सकते हैं। इससे सफाई भी होगी और नमी भी बनी रहेगी। रेटीनॉल वाली क्रीम भी चेहरे के लिए अच्छी मानी जाती है, चाहें तो उसका उपयोग कर सकती हैं।

4. कैमिकल लगाने से बचें

जैसे ही आपके चेहरे पर कोई समस्या होती है, आप सबसे पहले उसे ठीक करने का दावा करने वाली क्रीम, साबुन या फेसवॉश की तरफ भागते हैं। लेकिन आप तब और परेशान हो जाते हैं जब लंबे समय तक इनका उपयोग करने के बाद भी आपकी समस्या कम होने की बजाय बढ़ती जाती है। ऐसा इन सौंदर्य उत्पादों में होने वाले कैमिकल्स के कारण होता है। दूसरा तरीका ये अपनाया जाता है कि इन्हें छिपाने के लिए भारीभरकम मेकअप शुरू हो जाता है। विशेषकर लड़कियां यह तरीका अपनाती हैं। इससे भी ये छिप तो जाते हैं, लेकिन न तो इनका उपचार होता और न ही इनसे छुटकारा मिलता। इसलिए इनसे छुटकारा पाना है तो अधिक कैमिकल वाला कोई भी उत्पाद अपने चेहरे पर न लगाएं।

5. सूर्य की किरणों से चेहरा बचाएं

सूर्य की किरणों में अल्ट्रावॉयलेट रेज भी होती हैं। इन्हें त्वचा के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है। सौंदर्य विशेषज्ञ कहते हैं कि सूर्य की हानिकारक किरणें त्वचा को सीधा नुकसान पहुंचाती ही हैं,मिलिया को और बिगाड़ सकती हैं। इसलिए वे सलाह देते हैं कि विशेषकर चेहरे को सूर्य की हानिकारक किरणों से जितना संभव हो बचाकर रखें। वे धूप में न निकलने को कहते हैं, लेकिन जिन लोगों को तेज धूप में बाहर निकलना ही पड़ता है, उनके लिए सलाह दी जाती है कि वे अपना चेहरा ढंककर ही बाहर निकलें। साथ ही वापस आते ही चेहरा अच्छी तरह धो लें।

फिर भी ठीक न हो तो?

यदि आप तमाम प्रयास कर लें और फिर भी समस्या खत्म न हो तो क्या करेंगे? आखिरी रास्ता बचता है चिकित्सक से उपचार का। हालांकि सलाह दी जाती है कि मिलिया से छुटकारा पाने के लिए किसी चिकित्सक के पास जाने से पहले ऊपर दिए गए उपाय अपना लें, इसी से उनका उपचार होने की शतप्रतिशत संभावना रहती है। लेकिन यदि यह फिर भी ठीक नहीं हो रहे हों तो आप चिकित्सक के पास जा सकते हैं।

कब जाएं चिकित्सक के पास?

त्वचा रोग विशेषज्ञ यानी चिकित्सक के पास आपको उस समय जाना चाहिए यदि कई सप्ताह के बाद भी मिलिया की समस्या खत्म नहीं हो रही हो। त्वचा रोग विशेषज्ञ सूई के जरिये इसे निकाल देंगे। मिलिया के उपचार को क्रायोथेरेपी कहा जाता है। इस पद्धति का उपयोग आंखों के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों से सफेद फुंसियों को समाप्त करने के लिए किया जाता है।

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