जानिए रजोनिवृति (मेनोपॉज) से जुड़ी ये जरुरी बातें

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महिलाओं में जब मासिकधर्म पूरी तरह से समाप्‍त हो जाता है तब उसे मेनोपॉज यानी रजोनिवृत्‍ति कहते हैं। रजोनिवृत्ति 45 से 55 साल के बीच की उम्र में होता है। रजोनिवृत्ति होने पर स्त्री के शरीर में शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के पविर्तन हो जाते हैं।

मेनोपॉज के लक्षण हर महिला में अलग-अलग दिखाई देते हैं। किसी में अचानक मासिक धर्म आना बंद हो जाता है तो किसी में यह प्रक्रिया 1-2 साल तक चलती है। कई मामलों में तो देखा गया है कि कुछ महिलाओं को 45 कि उम्र से पहले ही मेनोपॉज आ जाता है।

मासिक धर्म के स्थायी रूप से बंद हो जाने को रजोनिवृत्ति कहते हैं। लड़कियों को 14 या 15 की उम्र में मासिकधर्म प्रारंभ हो जाता है (ऊष्ण प्रदेशों में इससे पूर्व भी), जिसका अर्थ है कि लड़की गर्भधारण के योग्य हो चुकी है। इस समय से लेकर 45 से 50 वर्ष की आयु तक सामान्यतः हर 28वें दिन मासिक धर्म होता है। इस तरह हर महीने में एक बार डिंबग्रंथि से एक डिंब परिपक्व होकर बाहर निकलता है और डिंबवाहिका नली में शुक्राणु द्वारा संसेचित होकर गर्भाशय में आकर गर्भ बन जाता है।

मेनोपॉज के कई लक्षण हैं

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हर महिला में इसके लक्षण अलग अलग होते हैं। लेकिन सबसे आम लक्षण है मोटापा बढ़ना और बहुत अधिक पसीना आना।

  1. नींद न आना
  2. रात को बेचैनी और पसीना आना
  3. शरीर के अलग अलग भागों में दर्द रहना
  4. चिड़चिड़ापन और मन उदास रहना
  5. चिंता
  6. थकान
  7. सेक्‍स में रुचि न लेना
  8. योनि में सूखापन और बालों का झड़ना आदि।
हड्डियां बन जाती हैं कमज़ोर:-

एक स्‍टडी बताती है कि कुछ महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हड्डियां भी कमजोर हो जाती हैं इसलिये आपको अपने और अपनी बेटी के आहार में दूध, चीज़, दही अंडे आदि शामिल करने चाहिये जिससे हड्डियों को कैल्‍शियम प्राप्‍त हो सके।

गर्म झलकें(हॉट फ्लशेस):-

यह बहुत आम है। गर्म झलक का अर्थ है चेहरे या छाती की ओर रक्त का तेज़ी से प्रवाह। आपको छूने पर गर्म महसूस होगा, लाल दिखाई देगा और शायद वहां पसीना भी आएगा।

नींद होती है खराब:-

रात को पसीना आना, बेचैनी और तनाव की वजह से महिलाओं की नींद खराब हो जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो डॉक्‍टर से मिलना ना भूलें।

चिंता:-

मनोदशा परिवर्तन के साथ चिंता भी रजोनिवृत्ति का एक लक्षण है। जो चीज़ें आप पहले आसानी से करते थे, उन्हें करने में भी आपको चिंता हो सकती है, या आपकी पहली चिंताएं बढ़ सकती हैं। यदि आपकी चिंता बढ़ती जा रही है तो आपको किसी पेशेवर से अपना इलाज कराना चाहिए।

दिल का रोग:-

एक नई केस स्‍टडी में मेनोपॉज और दिल की बीमारी का लिंक साफ निकल कर आया है। जिन महिलाओं को मेनोपॉज हो चुका है उन्‍हें अपनी लाइफस्‍टाइल को सुधारना चाहिये जिससे उनका दिल हमेशा मजबूत बना रहे।

थकान:-

हालांकि थकान कई अन्य परिस्थितियों का भी लक्षण है, परंतु दिए गए उपरोक्त लक्षणों के साथ यदि थकान होती है तो य़ाःआज्ञ्णीईट्टी की ओर इशारा करता है। थकान को सामान्य थकान, अच्छी तरह नींद पूरी होने के बावजूद थकान, और रोज़मर्रा के कामों को करने में भी थकान महसूस होना, इस तरह परिभाषित किया जा सकता है।

वजन बढना:-

शरीर में हारमोंस के उतार चढ़ाव हर तरह की तबाही मचाते हैं, जिसमें वज़न का बढना भी शामिल है। आपके वज़न का बढ़ना रजोनिवृत्ति का लक्षण हो सकता है क्योंकि यह दर्शाता है कि शरीर में चयापचय की दर कम हो गई है- यह हारमोंस में बदलाव या रजोनिवृत्ति का एक प्रमुख लक्षण है।

सिरदर्द:-

हार्मोन में बदलाव और मूड स्‍विंग की वजह से सिरदर्द भी होने लगता है। लेकिन धीरे धीरे यह भी चला जाता है।

सेक्स में रुचि न लेना:-

कामेच्छा कम हो जाती है जब हार्मोन्स का स्तर शरीर में कम हो जाता है। जबरदस्ती के बिना एक साथी के साथ सेक्स का विचार कम हो सकता है।

अगर आप भी यह सब परिवर्तन महसूस करने लगी हैं तो अपने डॉक्‍टर से जरुर मिलें।

रजोनिवृत्ति का इलाज कैसे होता है

चिंताजनक बात है कि केवल 10 प्रतिशत के करीब ही महिलायें रजोनिवृत्ति के समय चिकित्सक से सलाह लेती हैं। और कई बार यह बिना के ठीक भी हो जाता है। हालांकि, अगर आपको मीनोपॉज के लक्षण हों, और उनसे आपकी दैनिक दिनचर्या में हस्तक्षेप हो रहा हो, तो इनके उपचार के लिये हार्मोन प्रतिस्थापन चिकित्सा (एचआरटी) की जा सकती है।

Source: hrelate

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