जापानियों से सीखिए स्वस्थ भोजन का राज

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जापानियों से सीखिए स्वस्थ भोजन का राज

पतले होने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। जिम, योग और स्लीमिंग कैप्सूल आम बात हो गई है। जंक फूड़ खाकर बच्चों के साथ अब तो बड़े भी मोटापे का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि ऐसा खाना खाया जाये जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा हो। इसके लिए हम जापानी तरीके अपना सकते हैं। ये लोग अपना भोजन इस तरह पकाते हैं कि इनका प्राकृतिक स्वाद और रंग नहीं बदलता। वहां के रेस्तराओं में भी खाने को इस तरह पकाया जाता है कि सब्जियां देखने में बिल्कुल ताजी दिखती हैं। हम स्वस्थ भोजन के मामले में जापानी लोगों से बहुत कुछ सीख सकते हैं। उनके यहां खाना पकाने का अंदाज भी निराला है।

पालक, चावल, हर चीज को बेहद प्राकृतिक तरीके से पकाया जाता है। आचार को सिरका और नमक से बनाया जाता है। खाने में तेल नाम मात्र का प्रयोग किया जाता है। भारत में नाश्ते और लंच के बाद चाय-कॉफी का ज्यादा इस्तेमाल होता है। वहीं जापानी महिलाएं सुबह का नाश्ता करने के बाद चाय-कॉफी जैसी चीजें नहीं लेतीं। काम करने के दौरान भी वे इन चीजों से परहेज रखती हैं। जहां तक खाने की बात है तो खाना कई हिस्सों में थोड़ा-थोड़ा खाया जाता है। एक साथ एक बार पेट भर खाने की बजाय पूरे दिन थोड़ा-थोड़ा खाना बेहतर होता है। इसमें भूख भी शांत रहती है। नतीजतन हम फालतू चीजें नहीं खाते। ऐसे खाने में शरीर की पाचन क्रिया पूरे दिन सक्रिय रहती है। जिससे हम स्वस्थ व पतले रहते हैं।
जापान के हर घर में जो खाना बनता है उसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है। चाहे वह हरी सब्जियां हों, मछली हो, या फिर नूडल्स। और यही इन्हें स्वस्थ रखने में मदद करता है। खाने में सूप और सब्जियां खाना पचाने में मदद करते हैं और पाचन क्रिया भी सही रहती है। पानी की अधिक मात्रा से खाना जल्दी पकता है। खाने भी हेल्दी रहता है। यों भी पानी की ज्यादा मात्रा हमें ओवरइटिंग से बचाती है।
जहां तक डेयरी उत्पाद की बात है तो जापान में इसकी खपत काफी कम है। ज्यादा डेयरी उत्पाद वजन बढ़ाते हैं। मगर इसकी जगह वहां हरी सब्जियों का इस्तेमाल किया जाता है, जो उनके खाने में कैल्शियम की भरपाई कर देते हैं।
ज्यादातर देशों यहां तक कि भारत में खाने में अत्याधिक तेल का इस्तेमाल किया जाता है। मगर जापानी भोजन में तेल का इस्तेमाल बेहद कम मात्रा में किया जाता है जिससे लोग मोटापे का शिकार होने से बचते हैं। खाने में अधिक तेल मोटापा और ह्दय रोग संबंधी समस्या पैदा करता है।
खाने के बाद मीठा खाना हर भारतीय को पसंद है। मगर जापान में मीठे व्यंजन भी बेहद कम खाए जाते हैं। इसलिए यह ज्यादा हानिकारक नहीं होता। वहां ज्यादातर मीठे का बहुत ही कम मात्रा का पैकेट बनाया जाता है, जो फायदेमंद होता है। इस तरह हम जान सकते हैं कि सुपाच्य और स्वस्थ भोजन का मतलब क्या है?

 

Source: prabhasakshi

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