जीरा के फायदे – सेहत के लिये

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jeera_3839.jpgजीरा एक ऐसा मसाला है जिसके छौंक से दाल और सब्जियों का स्वाद बहुत बढ़ जाता है। चाट का चटपटा स्वाद भी जीरे के बिना अधूरा सा लगता है। अंग्रेजी में इसे क्यूमिन कहा जाता है। इसका वानस्पतिक नाम क्यूमिनम सायमिनम है। यह पियेशी परिवार का एक पुष्पीय पौधा है। मुख्यत: पूर्वी भूमध्य सागर से लेकर भारत तक इसकी पैदावार अधिक होती है।

जीरा पाचक और सुगंधित मसाला है। यह पेट के विकारों को दूर करने में बहुत ही उपयोगी है। जीरा गर्म प्रकृति का होता है। भोजन में अरुचि, पेट फूलना, अपच आदि को दूर करने में जीरा एक उपयोगी औषधि की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। जीरा पेट के कीड़े खत्म करने व बुखार उतारने में भी सहायक है। दिखने में सौंफ के आकार का जीरा सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता बल्कि यह बहुत उपयोगी भी है। यही कारण है कि कई रोगों में दवा के रूप में भी जीरे का उपयोग किया जा सकता है।

इन रोगों के लिए जीरा राम-बाण का काम करता हैं

जीर लौह-तत्व का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसे नियमित रूप से खाने से खून की कमी दूर होती है। गर्भवती महिलाओं के लिए जीरा अमृत का काम करता है।

जीरा अजवाइन, सौंठ, काली मिर्च और काला नमक अंदाजानुसार लेकर इसमें घी में भूनी हींग कम मात्रा में मिलाकर खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है। पेट का दर्द ठीक हो जाता है।

3 ग्राम जीरा और 125 मि.ग्रा. फिटकरी पोटली में बांधकर गुलाब जल में भिगो दें। आँखें में दर्द होने पर या लाल होने पर इस रस को टपकाने से आराम मिलता है।

मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए एक छोटा चम्मच पिसा जीरा दिन में दो बार पानी के साथ लेने से लाभ होता है।

इसमें एंटीसेप्टिक तत्व भी पाया जाता है। सीने में जमे हुए कफ को बाहर निकलने के लिए जीरे को पीस कर फांक लें। यह सर्दी-जुकाम से भी राहत दिलाता है।

कब्ज़ की समस्या हो तो जीरा, काली मिर्च, सौंठ और करी पाउडर को बराबर मात्रा में लें और इसका मिश्रण तैयार कर लें। इसमें स्वादानुसार नमक डालकर घी में मिलाएं और चावल के साथ खाएं। राहत मिलेगी।

मेथी, अजवाइन, जीरा और सौंफ 50-50 ग्राम और स्वादानुसार काला नमक मिलाकर पीस लें। एक चम्मच रोज सुबह सेवन करें। इससे शुगर, जोड़ों के दर्द और पेट के विकारों से आराम मिलेगा।

आंवले को भूनकर गुठली निकालकर पीसकर धीमे भूनें। फिर उसमें स्वादानुसार जीरा, अजवाइन,  सेंधा नमक और थोड़ी सी भुनी हुई हींग मिलाकर गोलियाँ बना लें। इन्हें खाने से भूख बढ़ती है। इससे डकार, चक्कर और दस्त में लाभ होता है। पानी में जीरा डालकर उबालें और छानकर ठंडा करें। इस पानी से मुंह धोने से आपका चेहरा साफ और चमकदार होता है।

मानव शरीर में विभिन्न कारणों से गंदे तत्व आ जाते हैं जिन्हें शरीर पसीने और फुंसियों के रूप में बाहर निकालता है। जीरे का नियमित इस्तेमाल शरीर की शोधन की प्रक्रिया को तेज करता है और ऐसी गंदगियाँ मुंहासों और फुंसियों के तौर पर बाहर नहीं आती। इस तरह जीरे के सेवन से त्वचा साफ और सुंदर बनी रहती है।

इसलिये जीरे को केवल छौंक लगाकर स्वाद बढ़ाने वाली वस्तु न समझकर इसका नियमित इस्तेमाल कर अपने बेहतरीन सेहत की नींव तैयार करें।

Source: sehatgyan

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