कन्धा एवं बाँह के जोड़ के  दर्द का होम्योपैथिक इलाज

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कभी-कभी कन्धा एवं बाँह के जोड़ के स्थान पर असहनीय  दर्द होता है जिसके कारण हाथ को ऊपर उठाना, पीठ के पीछे हाथ ले जाकर साबुन लगाना आदि मुस्किल हो जाता है।कन्धा एवं बाँह के जोड़ के स्थान हड्डी बढ़ जाने, कार्टिलेज (Cartilage) के कड़ा तथा मोटा होने तथा लचीलापन घट जाने के कारण बाँह का मोड़ पाना मुस्किल हो जाता है। हाथ मोड़ने तथा ऊपर उठाने पर  काफी दर्द होता है। एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति में इस रोग के लिये  मात्र फिजियोथेरेपी  की ही सलाह दी जाती है।

फिजियोथेरेपी के साथ-साथ यदि  होम्योपैथिक इलाज किया जाये तो इस बिमारी को ठीक करना सम्भव है । इस बिमारी में बाँह में झिनझिनी, दर्द, फड़क्कन तथा झटका देना, बेचैनी आदि लक्छण उपस्थित रहते हैं । कालांतर में लकवा मारने का भय बना रहता है । यदि यह बिमारी दायें  बाँह में हो तो एसिड फ्लोर (Acid Floor) 30 के प्रयोग से पूर्णतः ठीक हो जाता है। यह अति बिश्वस्निये तथा परिक्छित दवा है |

Source: homeopathicmedicine

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