खून की कमी (रक्ताल्पता) की घरेलू चिकित्सा

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खून में हेमोग्लोबिन या रक्त कण की कमी हो जाने को एनिमिया अर्थात रक्ताल्पता का रोग कहा जाता है। हमारे शरीर की शिराओं और धमनियों में जो खून प्रवाहित होता है उसमें करीब आधा भाग रक्त कणों का होता है। ये रक्तकण आक्सीजन को शरीर के विभिन्न ऊतकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इन रक्त कणों के निर्माण में आयरन (लोहतत्व), प्रोटीन, और विटामिन्स ,खास कर फ़ोलिक एसिड और विटामिन बी१२ की अहम भूमिका रहती है। इन रक्त कणों का जीवन काल लगभग चार माह का होता है । फ़िर ये नष्ट हो जाते हैं और इनकी जगह नये रक्त कण आ जाते हैं। इन्सान के शरीर के १०० ग्राम खून में करीब १५ ग्राम हेमोग्लोबिन होना आवश्यक है।  प्रति मिलि लिटर खून में ५ मिलियन रक्तकण मौजूद  रहना जरूरी है। यह भी बताते चलें कि हमारी मज्जा(bone marrow) में रक्तकण बनाने की फ़ेक्टरी है जो रोजाना तकरीबन १०० मिलियन  नये रक्त कण बनाकर शरीर को सप्लाई करती रहती है।

रक्ताल्पता के लक्षण–

शरीर में खून की कमी हो जाने पर रोगी कमजोरी, थकावट, शक्तिहीनता और चक्कर आना जैसे लक्छण बताता है। अन्य  लक्षण  गिनावें तो चमडी पर समय पूर्व  झुर्रियां पड जाना ,याददाश्त की कमी,  मामूली काम करने या चलने पर सांस फ़ूल जाना, घाव हो जाने पर उसके ठीक होने या भरने में जरूरत से ज्यादा वक्त लगना,सिर दर्द होना और दिल की धडकन  बढ जाना ये लक्षण  भी रक्त की कमी के रोगी में अक्सर देखने को मिलते हैं।  एनिमिया रोगी की श्लेष्मिक झिल्लियां पीली दिखाई देती हैं।

         कैसे करें रक्ताल्पता  रोग का ईलाज?

1)  शरीर में लोह तत्व बढाने के लिये सबसे अच्छा तरीका यह है भोजन से इसकी पूर्ति करें। चाय,काफ़ी और अम्ल विरोधि (एन्टासिड) दवाएं उपयोग में न लाएं। ये चीजें शरीर द्वारा  लोह तत्व ग्रहण करने की  प्रक्रिया को बाधित करते हैं।  लोह तत्व की वृद्धि के लिये हरे मटर,हरे चने(छोले), दूध का प्रचुर उपयोग करना उत्तम है। जो लोग शाकाहारी हैं वे अपने भोजन में पालक,सभी तरह की हरी सब्जियां, दालें  अंजीर,अखरोट बदाम काजू, किशमिश,खजूर, आदि रक्त वर्धक पदार्थो का भरपूर उपयोग  करना चाहिये।सेवफ़ल,टमाटर भोजन में शामिल करें।

2)  एक  सेवफ़ल के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर नित्य पीने से खून की कमी दूर होती है।

3)   टमाटर और सेवफ़ल का रस प्रत्येक २०० मिलिलिटर मिश्रण करके रोज सुबह लेने से रक्ताल्पता में आशातीत लाभ होता है।

4)   ताजा सलाद खाने और शहद से शरीर में हेमोग्लोबिन बढकर एनिमिया का निवारण होता है।

5)    विटमिन बी१२, फ़ोलिक एसिड,और विटामिन सी ग्रहण करने से हेमोग्लोबिन की वृद्धि होती है। दूध,गुर्दे और कलेजी में प्रचुर विटामिन बी१२ पाया जाता है।

6)  मैथी की सब्जी  कच्ची खाने से लोह तत्व मिलता है। किशोरावस्था की लडकियों में होने वाली खून की कमी में मैथी की पत्तियां उबालकर उपयोग करने से बहुत फ़ायदा होता  है। मैथी के बीज अंकुरित कर नियमित खाने से रक्ताल्पता का निवारण होता है।

7)    सब्जी और फ़ल —           सभी पत्तेदार सब्जीयां और खासकर पालक में प्रचुर मात्रा मे लोह तत्व पाया जाता-है।   इनसे  मिलने वाला आयरन श्रेष्ठ दर्जे का होता है। यह लोह तत्व शरीर में ग्रहण होने के बाद बडी तेजी से रक्त कण बनते हैं और रक्ताल्पता शीघ्र ही दूर हो जाती है।

8)   खून की कमी दूर करने में सोयाबीन का  महत्वपूर्ण स्थान है। इसमे आयरन होता है और श्रेष्ठ दर्जे का प्रोटीन भी होता है।  लेकिन एनिमिया रोगी की पाचन शक्ति कमजोर होती है इसलिये सोयाबीन का दूध बनाकर पीना उचित रहता है।

9)      ७ नग बादाम दो घन्टे पानी में गला दें। फ़िर छिलका उतारकर खरल में पेस्ट बनाकर रोज खाने से नया खून बनता है और रक्ताल्पता  लाभ होता है।

10)  तिल और शहद

दो घंटे के लिए 2 चम्मच तिलों को पानी में भिगों लें और बाद में पानी से छानकर इसका पेस्ट बना लें। अब इसमें 1 चम्मच शहद मिलाएं और दिन में दो बार सेवन करें।


11) . काफी और चाय खतरनाक


काफी और चाय का सेवन कम कर दें। एैसा इसलिए क्योंकि ये चीजें शरीर को आयरन लेने से रोकते हैं।
 
12) .ठंडा स्नान
दो बार दिन में ठंडे पानी से नहाए और सुबह नहाने के बाद सूरज की रोशनी में बैठें।

13)  अंकुरित भोजन

आप अपने भोजन में गेहूं, मोठ, मूंग और चने को अंकुरित करके उसमें नींबू मिलाकर सुबह का नाश्ता लें।
14)  आम

पके आम के गुदे को मीठे दूध के साथ सेवन करें। एैसा करने से खून तेजी से बढ़ता है।

15)  मूंगफली और गुड़-

शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिए मूंगफली के दानों को गुड़ के साथ चबा-चबा कर सेवन करें।

16) -सिंघाड़ा-
सिंघाड़ा शरीर में खून और ताकत दोनो को बढ़ाता है। कच्चे सिंघाड़े को खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से बढ़ता है।

17) मुनक्का, अनाज, किशमिश, दालें और गाजर-

मुनक्का, अनाज, किशमिश, दालें और गाजर का नियमित सेवन करें और रात को सोने से पहले दूध में खजूर डालकर उसको पीएं।

18) फलो का सेवन-

अनार, अमरूद, पपीता, चीकू, सेब और नींबू आदि फलो का अधिक से अधिक सेवन करें।

19) आंवले और जामुन का रस-

आंवले का रस और जामुन का रस बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करने से हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है।
20) टमाटर का रस-

एक गिलास टमाटर का रस रोज पीने से भी खून की कमी दूर होती है। इसलिए टमाटर का सूप भी बनाकर आप ले सकते हो।

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21)  हरी सब्जिया-


बथुआ, मटर, सरसों, पालक, हरा धनिया और पुदीना को अपने भोजन में जरूर शामिल करें।

22)  फालसा-

फालसे का शर्बत या फालसे का सेवन सुबह शाम करने से शरीर में खून की मात्रा जल्दी बढ़ती है।

23)  लहसुन-

शरीर में खून को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से लहसुन और नमक की चटनी का सेवन करे। यह हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करता है।

24)  सेब का जूस-

सेब का जूस रोज पीएं।

25)  चुकंदर-

चुकंदर के एक गिलास रस में अपने स्वाद के अनुसार शहद मिलाकर इसे रोज पीएं। इस जूस में लौह तत्व ज्यादा होता है।
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