बेरीबेरी से बचाव के लिए घरेलू नुस्ख़े

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बेरीबेरी रोग विटामिन बी1 की कमी के कारण होता है। विटामिन बी 1 थिअमिन (thiamine) के नाम से भी जाना जाता है जो कि शरीर में मौजूद कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) को ग्लूकोज (Glucose) में परिवर्तित करने के लिए बेहद जरूरी है।

थिअमिन की कमी से शरीर में ग्लूकोज की कमी हो जाती है जिससे शरीर में ऊर्जा की कमी होती है और शरीर पूरी तरह कार्य नहीं कर पाता न ही शरीर का विकास हो पाता है। बेरीबेरी में पैरों में सुन्नपन (Numbness) की शिकायत हो जाती है।

साथ ही, जी मिचलाना और बेहोशी की अवस्थाएं भी बन जाती हैं। जोड़ सुचारू रूप से काम नहीं करते और कई दफा दिमागी कमजोरी भी संभव है। बेरीबेरी रोग में कई घरेलू उपचार प्रभावी हैं।

beriberi

आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ घरेलू खाद्य सामग्रियों के बारे में जो बेरीबेरी में लाभप्रद हैं।

बेरीबेरी से बचाव के लिए घरेलू नुस्ख़े (Home Remedies for Beriberi)

बादाम (Almond)

बादाम में आवश्यक थिअमिन होता है जो कि बेरीबेरी रोग से बचाव के लिए बेहद आवश्यक है। ऐसे में रोजाना बादाम खाया जाना अति आवश्यक है। बादाम में सभी जरूरी मिनरल और विटामिन मौजूद होते हैं जो कि शरीर को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। उपचार के लिए रोजाना रात में तकरीबन 15 बादाम पानी में भिगा दें और सुबह उन्हें छीलकर धीरे धीरे चबाकर खाएं।

सूरजमुखी के बीज (Sunflower Seed)

सूरजमुखी के बीजों में सेलेनियम (Selenium), टैनिन (Tannis) और ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसे यौगिक होते हैं, जिसके कारण यह एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भी भरपूर होते हैं। सूरजमुखी के इन बीजों में विटामिन बी 1, बी 5 और बी 6 भी मौजूद होते हैं। सूरजमुखी के बीज का स्वाद अखरोट जैसा होता है, इसलिए इसे यूं भी चबाया जा सकता है। रोजाना एक बड़ी चम्मच सूरजमुखी के बीजों को चबाना चाहिए।

फली या बीन्स (Beans)

बीन्स में बेहद पोषक तत्व होते हैं। बीन्स में प्रोटीन, कैल्शियम, खनिज और थिअमिन भी होती है जो कि हड्डियों और मांसपेशियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। पूरे दिन में दो बार बीन्स की सब्जी जरूर खाएं।

आलू (Potato)

आलू भी पोषक तत्वों से युक्त खाद्य पदार्थ है। इसमें फाइटोकेमीकल्स (phytochemicals), आयरन (iron), पोटेशियम (potessium) , तांबा (copper), विटामिन सी, विटामिन बी 1 और विटामिन बी 6 की उच्च मात्रा होती है। ज्यादा लाभ के लिए आलू को बेक करके खाना चाहिए। बेरीबेरी रोग में रोजाना दो आलू भून (baked) कर जरूर खाएं।

ब्राउन राइस-भूरा चावल (Brown Rice)

ब्राउन राइस यूं तो गरीबों का खाना माना जाता है। लेकिन सफेद चावल की तुलना में ब्राउन राइस में कहीं अधिक पोषक तत्व होते हैं जो शरीर के लिए लाभदयक होते हैं। ब्राउन राइस में थिअमिन भी उच्च मात्रा में होता है। बेरीबेरी रोग से बचने के लिए रोजाना दो कटोरे ब्राउन राइस खाना आवश्यक है।

Source: raftaar

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