दिल की बिमारियों से सम्बंधित कुछ सच्चाई

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विश्व भर मे जीवन शैली के कारण होने वाले रोगों में हार्ट रोग एक अहम हिस्सा हैं। पहले हार्ट रोगों के लिये उम्र, लिंग,पारिवारिक स्वास्थ इतिहास जैसे असंशोधनीय कारक जिम्मेदार थे। यहाँ हम भारत में हार्ट रोगों की नाटकीयता के कुछ तथ्यों की तरफ रोशनी डालते है।

Dil ki Beemari ke Facts

  • भारत की तकरीबन 27 अरब से अधिक की कुल आबादी में से 45 करोड़ लोग कॉरोनरी आर्टरी रोग से ग्रस्त हैं मौजुदा अनुमानों के अनुसार- भारत में जल्द ही विश्व के सबसे अधिक हार्ट रोगों के मामले होगें।
  • अपनी खराब जीवन शैली के चलते अधिकाधिक युवा भारतीय कॉरोनरी आर्टरी रोगों से ग्रस्त हो रहे है और अगर यह जारी रहा तो भविष्य अधिक भयावाह हो जायेगा।
  • 70 प्रतिशत भारतीय शहरी आबादी में हार्ट रोग पाये जाने का खतरा है। यह खास तौर पर अपौष्टिक खान-पान की आदतों, शारीरिक कार्यों कि कमी व तनाव के कारण हैं।
  • शारीरिक निष्क्रियता हार्ट प्रणाली रोगों, टाइप 2 डायबिटीज व मोटापे के खतरे को दो गुना कर देती है। यह हाई ब्लड प्रेशर, लिपिड लेवल में असतुंलन व चिंता के खतरे को बढ़ाती है जो कि अपने आप में हार्ट रोगों में योगदान करता है।
  • हार्ट रोगों से मरने वालों मे से 1/5 कॉरोनरी हार्ट रोगों से ग्रस्त होती है। सन् 2020 तक कुल मृत्युओं में से 1/3 कॉरोनरी हार्ट रोग के कारण होगी।
  • भारतीय डायबिटीज रोग के शिकार अपेक्षाकृत कम उम्र (करीब 45 साल में हो जाते हैं। जो कि जीवन्त पर्यन्त हार्ट रोगों का खतरा बढ़ा देता है। डायबिटीज के अलावा, हाई ब्लड प्रेशर भी हार्ट रोगों के बढ़ने का कारण है। पिछले 50 वर्षो में हाई ब्लड प्रेशर की व्याप्ति निंरतर हुई है, शहरी क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा।

Source: healthindian

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