कल Ravivaar रविवार ko karen roti-gud रोटी-गुड़ kaa ye ek chhoṭaa-saa achook upaay, paise पैसे se bhar jaaegaa aapakaa ghar घर

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हर कोई चाहता है उसका अपना खुद का घर हो, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद घर नहीं बन पाता।
दरअसल, भूमि लाभ ग्रहों के शुभ फल पर निर्भर है। यदि कुंडली में मंगल, सूर्य कमजोर हैं…नीच के हैं या उन पर किसी पाप ग्रहों की नजर है, तो घर नहीं बनने देते। अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोगों के एक नहीं, बल्कि कई घर होते हैं…कई प्लॉट होते हैं। ऐसे लोगों के ग्रह बली होते हैं। वैसे भी मौजूदा दौर में मकान बनाना बहुत मुश्किल हो रहा है। यदि आप सालों से किराए के मकान में रह रहे हैं।

roti Gur

खुद का घर नहीं बन रहा है। वैसे ऐसा तो नहीं होगा कि आप घर खरीदने या बनाने के बारे में सोचते न हो या प्लालिंग न करते हों, लेकिन कोई न कोई अड़चन आ जाती है, जिसके चलते सारी योजना धरी की धरी रह जाती है। इसका मतलब यह है कि आपकी कुंडली में ग्रह अशुभ हैं, जो खुद के घर का सुख नहीं दे रहे हैं। ऐसे में एक ऐसा अचूक उपाय है, जिसे करने से मंगल और सूर्य मजबूत होंगे और घर बनने या खरीदने में आ रही बाधाएं स्वत: ही दूर हो जाएंगी

इसके बाद घर में एक ताजे आटे की रोटी बनवाएं। रोटी जब ठंडी हो जाए, तो उसमें पुराने गुड़ की एक साबुत भेली रख लें और किसी गौशाला में जाकर लाल गया को खिला दें। ध्यान रखें रोटी-गुड़ गाय के सामने फेंके नहीं, बल्कि हाथ से गाय को खिलाएं। इसके बाद हाथ जोड़कर गाय को प्रणाम करें और गाय के पैर पड़ें। यह उपाय लगातार करें। आप देखेंगे कि अचानक आपके घर बनने की योजना शुरू होगी और कोई बाधा भी नहीं आएगी।

इस उपाय का एक और फायदा यह है कि यदि आपका घर इस उपाय के करने से बनता है, तो आपकों घर के लिए आर्थिक तंगी का सामना कभी नहीं करना पड़ेगा। यदि आप लोन लेकर घर बनाएंगे या बना हुआ खरीदेंगे, तो इसके लोन चुकाने में भी आपकों कभी कोई परेशानी नहीं आएंगी। तो देर किस बात की, कल है रविवार और बेहद शुभ मुहूर्त भी हैं। नवरात्रों का समय है। अष्टमी है…हर तरफ कन्या पूजी जाएंगी और आप यह उपाय शुरू कर सपनों के आशियानें की नींव रख सकते हैं।

यदि कुंडली में गुरु नीचका है, मंगल दुश्मन घर मेें बैठा है और सूर्य पर राहु-केतु की नजर है, तो निश्चित ही घर बनने में बाधा आएगी। ऐसे में ग्रहों को शुभ बनाने के लिए आपको कम से कम लगातार 21 रविवार को एक उपाय करना होगा। रविवार को सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर सबसे पहले भगवान सूर्य को अद्र्ध दें। तांबे के लोटे में शुद्ध जल, थोड़ा गंगाजल, अक्षत, लाल गुलाब की पंखुडिय़ां, हल्का सिंदूर, चीनी मिलाकर सूर्य को अद्र्ध दें। ध्यान रहे कि अद्र्ध जब दें, तो आपकी नजरें लोटे से नीचे की ओर गिर रही धार पर हो ना कि सूर्य भगवान की ओर…। ये भी ध्यान रखें कि पानी के छींटें पैरों पर न आएं। अद्र्ध देते समय ओम घृणि सूर्याय नम: मंत्र बोलते रहें।

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