ब्राह्मी के गुण जाने और बनाये अपने आपको स्वस्थ

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ब्राह्मी का एक पौधा होता है जो सदियों से भारत में दवाई के रूप में बीमारियों के इलाज के रूप में इस्‍तमाल की जा रही है। यह पौधा नम स्‍थानों में पाया जाता है, तथा मुख्‍यत: भारत ही इसकी उपज भूमि है। यह पूर्ण रूपेण औषधी पौधा है। बुद्धि, स्मरण शक्ति के अलावा ब्राह्मी का प्रयोग कई स्वास्थ्य समस्याओं के लिए किया जाता है।

आर्युवेद में इस औषधि का काफी महत्व है। ब्राह्मी हरे और सफेद रंग की होती है। इसका स्वाद फीका होता है और इसकी तासीर शीतल होती है। यह पौधा भूमि पर फैलकर बड़ा होता है। इसके तने और पत्तियां मुलायम, गूदेदार और फूल सफेद होते हैं। ब्राह्मी कब्‍ज को दूर करती है। इसके पत्‍ते के रस को पेट्रोल के साथ मिलाकर लगाने से गठिया दूर होता है। ब्राह्मी में रक्‍त शुद्ध करने के गुण भी पाये जाते है। यह हृदय के लिये भी पौष्टिक होता है। ब्राह्मी को यह नाम उसके बुद्धिवर्धक होने के गुण के कारण दिया गया है।

ब्राह्मी से होने वाले स्वास्थवर्धक फायदे
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Brahmi Benefits in Hindi

कब्ज को दूर करने में सहायक:-
ब्राह्मी में पाये जाने वाले औषधीय गुण कब्ज की परेशानी को दूर करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से ब्राह्मी का सेवन करने से पुरानी से पुरानी कब्ज की परेशानी दूर हो जाती है। इसके अलावा ब्राह्मी में कई रक्तशोधक गुण भी होते हैं, जो पेट से संबंधित समस्या से बचाव करते हैं।
कार्यक्षमता बढ़ाए:-
ब्राह्मी  के पौधे के सभी भाग उपयोगी होते हैं। जहां  तक हो सके ब्राह्मी को ताजा ही  प्रयोग करना चाहिए। ब्राह्मी का प्रभाव  मुख्यत: मस्तिष्क पर पड़ता है। यह  मस्तिष्क के लिए टॉनिक है ही, उसे  शान्ति भी देती है। लगातार मानसिक कार्य  करने से थकान हो जाने पर जब  व्यक्ति की कार्यक्षमता घट जाती है तो ब्राह्मी  के उपयोग से आश्चर्यजनक  लाभ होता है।
एकाग्रता बढ़ाए:-
एकाग्रता की कमी के कारण अक्सर बच्चों का ध्यान पढ़ाई से दूर भागता है। ऐसे में दूध के साथ ब्राह्मी चूर्ण का रोजाना सेवन करने से बच्चों में एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है, जिसके फलस्वरूप बच्चों का मन पढ़ाई में लगने लगता है।
त्वचा के रंग को निखारती है:-
ब्राह्मी में एंटीऑक्सीडेंट पाये जाते हैं जिसकी वजह से यह शरीर से विषैले पदार्थ निकलती है साथ ही नए सेल्स को बनने में भी मदद करती है। जिसकी वजह से त्वचा के रंग में निखार आता है।
घाव ठीक करता है:-
ब्राह्मी में घाव को ठीक करने के गुण होते है। यह नयी त्वचा का निर्माण करती है जिससे घाव जल्दी ठीक हो जाता है।
बालों को मजबूत बनती है:-
यह बालों की सारी समस्याओं के लिए बहुत लाभदायक है। इससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं, बाल झड़ना बंद हो जाते हैं साथ ही नए बाल भी निकलने लगते हैं।
खांसी और बुखार दूर करे:-
ब्राह्मी, शंखपुष्पी, बादाम, छोटी या सफ़ेद इलायची- चूर्ण एक समान मात्रा में लेकर पानी में घोलकर छान लें। इस पानी में मिश्री मिलाकर रोजाना सुबह- शाम आधा- आधा गिलास पीएं। इससे खांसी, जुकाम, बुखार आदि से राहत मिलती है।
एंटीऑक्सीडेंट:-
ब्राह्मी दिमागी शक्ति बढ़ाने की मशहूर जड़ी-बूटी  है। ब्राह्मी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व के कारण इसके नियमित सेवन से मस्तिष्‍क की शक्ति बढऩे लगती है। इसका एक चम्मच रस रोज पीना  लाभदायक होता है। अगर आपको इसका रस पसंद नहीं है तो आप इसको चबाकर भी  खा सकते है इसके 7 पत्ते खाने से भी वही लाभ मिलता है।
ब्राह्मी अधिक मात्रा में प्रयोग से कभी कभी त्वचा में खुजली तथा लालिमा हो सकती है अतः इसका कम मात्रा में ही प्रयोग करना उचित है। इसका प्रयोग करने से पहले डॉक्‍टर की सलाह जरुर ले लें।
Source: hrelate
 
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