अवधी शाकाहारी जायका भी बचाता है शारीरिक मोटापे से

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अवधी शाकाहारी जायका भी बचाता है शारीरिक मोटापे से

अवध के जायके की खुशबू दूर से ही खींच लेती है। वहां के मशहूर रेशमी कबाब, मटन ग्रेवी, दम-पुख्त बिरयानी और भी न जाने अनेक पकवान यहां शहर में चल रहे अवधी पाकोत्सव में मिल सकते हैं। लखनऊ की गलियों के इस मांसाहारी जायके को यहां पाकोत्सव में शाकाहारी स्वरूप प्रदान किया गया है और आप यहां पनीर कबाब, इज्जती कबाब, शाही कोरमा, चकुंदरी पनीर, कटहल बिरयानी और काजू बिरयानी का लुत्फ भी ले सकते हैं।

इतने सब के बाद यह शाही स्वाद तब तक अधूरा है जब तक खाने के बाद कुछ मीठा ना हो तो अवध का जायका आपकी इस ख्वाहिश को भी पूरी करेगा क्योंकि यहां मुंह में घुल जाने वाला मूंगदाल का हलवा है जो घी, मेवे और खोए से तर है। साथ में शाही टुकड़ा, सेवई जाफरानी, रसमलाई, तार हलवा और छैना खीर की सुगंध भी आपको बरबस खींच ही लेगी।

यूनानी चिकित्सक एवं खानसामा डॉ. इज्जत हुसैन की रसोई में पके इस अवधी खाने की एक और खास बात यह है कि स्वाद से कोई समझौता किए बगैर उनके खाने में मसालों का संतुलन और मोटापे से बचने के पूरे इंतजाम हैं। अवध के आखिरी नवाब वाजिद अली शाह के वंश से सीधा संबंध रखने वाले हुसैन का कहना है कि जब लोग व्यापार के लिए खाना बनाते हैं तो उसमें स्वाद के साथ सेहत का ख्याल नहीं रखते लेकिन वह जब भी व्यापारिक उद्देश्य या परिवार व दोस्तों के लिए खाना बनाते हैं तो सेहत को सर्वोपरि रखते हैं जिससे खाने में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा और फाइबर की संतुलित मात्रा होती है।

वे अपने खाने में अजवायन और कलौंजी जैसे सौंधे मसालों का प्रयोग करते हैं और यहां आप कई अनाजों का मिश्रण के आटे बनी उनकी सिग्नेचर ‘इज्जत की रोटी’ का भी जायका ले सकते हैं। मटन गलौटी कबाब को शाकाहारी रूप देने के लिए उन्होंने राजमा को पीसकर उसकी लुग्दी का प्रयोग किया है। और भी कई प्रयोग कर उन्होंने यहां अवध पाकोत्सव में कई पकवानों को शाकाहारी रूप में परोसा है। इस पाकोत्सव का आनंद आप दो अगस्त तक होटल रैडिसन ब्लू के इंदयाकी रेस्तरां में ले सकते हैं।

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