पेट की मालिश को आप नियमित रूप से कर सकती है. इसके लिए आपको पीठ के बल लेटकर हाथों में थोड़ा सा तेल लेकर 3 मिनट में 30 बार गोलाई में घुमाते हुए मालिश करनी चाहिए. इसकी गर्माहट को महसूस करें और दिमाग को पूरी तरह से शांत कर अपना ध्यान मालिश में लगाएं.

आइए पेट की मालिश से जुड़े ऐसे ही कुछ स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानते हैं.

मोटापा घटाए- पेट की मालिश करने से चयापचय दर बढ़ती है और पाचन को बढ़ावा मिलता है. यह उन लोगों के लिये अच्छी हो सकती है जो लोग वेट कम करने की बहुत महनत करते हैं और उन्हें किसी भी चीज का कोई फायदा नहीं मिलता.

पेट फूलने की समस्या- खाना ठीक से हजम न होने की वजह से पेट फूलना और उसमें गैस बनने की समस्या होती है. लेकिन पेट की मालिश करने से पेट की गैस आराम से निकल जाती है और अपच भी नहीं होता.

कब्ज से छुटकारा- कब्ज और पेट के दर्द से छुटकारा मिलता है. पेट की मालिश रोजाना करें.

पेट दर्द से छुटकारा- पेट में अगर दर्द होता हो तो, मालिश करने से उस जगह का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है. इससे पेट की मासपेशियों को गर्माहट मिलती है, जिससे आपको आराम मिलेगा.

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की सेहत में सुधार- नियमित रूप से पेट की मालिश करने पर आपको कभी भी पेट का कोई रोग नहीं होगा. पेट फूलना, पेट में दर्द, गैस आदि सब ठीक हो जाएगी और पेट की मासपेशियां पूरी तरह से टोन्ड हो जाएंगी. साथ ही अपच की समस्या भी दूर होगी.

तनाव और चिंता से छुटकारा- मालिश से तनाव कम होता है और दिमाग पूरी तरह से शांत और रिलैक्स हो जाता है. इससे दिमागी सुकून मिलता है.

होती है पतली कमर- पेट पर मसाज करने से वहां की मासपेशियां टोन्ड हो जाती हैं. आपकी लटकती हुई कमर कुछ ही दिनों में शेप में आ जाती है. इसके साथ टम्मी टाइट बन जाती है.

पीरियड्स क्रैंप- मालिश करते वक्त लौंग, लेवेंडर या दालचीनी का तेल प्रयोग करने से पेडु के दर्द में लाभ मिलेगा.

कब नहीं करनी चाहिये पेट की मालिश- अगर आप प्रेगनेंट हैं, किडनी स्टोन, गॉलस्टोन, पेट में अल्सर, प्रजनन अंगों में सूजन या फिर आंतरिक रक्तस्राव हो रहा हो तो मालिश न करें.

Source: palpalindia

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